जहाँ एक तरफ पूरा विश्व कोरोना की मार से परेशान है, वहीं भारत मे कोरोना की रफ्तार तीव्र गति से बढ़ती जा रही है। देश में अब कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 68 लाख 35 हजार के पार हो गई है। इनमें से एक लाख 5 हजार 526 लोगों की मौत हो चुकी है। एक्टिव केस की संख्या घटकर 9 लाख 2 हजार हो गई और कुल 58 लाख 27 हजार लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के एक्टिव केस की संख्या की तुलना में स्वस्थ हुए लोगों की संख्या छह गुना ज्यादा है।

कोरोना की टेस्टिंग अब आप खुद कर सकेंगे…

वहीं इन सब के बीच कोरोना की टेस्टिंग अब आप खुद कर सकेंगे, वो भी घर बैठे अपने मोबाइल से। जी हाँ अब थोड़े दिन का और इंतज़ार फिर आपके हाथ में होगी वो टेस्टिंग किट जो जुड़ी होगी आपके स्मार्ट फोन से। जानकारी के अनुसार जामिया मिलिया इस्लामिया के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस की जांच के लिए एक नई जांच किट विकसित की है।

बस किट और स्मार्टफोन होना जरूरी…

शोधकर्ताओं का दावा है कि यह दुनिया की पहली लार आधारित जांच किट है। इस किट की मदद से कोई भी व्यक्ति घर बैठे कोरोना की जांच कर सकेगा। बस किट और स्मार्टफोन होना जरूरी होगा। शोधकर्ताओं ने इसे एमआई-एसईएचएटी (मोबाइल इंटीग्रेटेड सेंसिटिव एस्टीमेशन एंड हाईस्पसेफिसिटी एप्लिकेशन टेस्टिंग) नाम दिया है।

पहली बार दुनिया में लार के जरिए भी कोरोना की जांच संभव…

जामिया के मल्टीडिसिप्लिनरी सेंटर फॉर एडवांस रिसर्च एंड स्टडीज (एमसीआरएएस) के वैज्ञानिक डॉ मोहन जोशी ने मीडिया से बातचीत में बताया की किट का प्रोटोटाइप तैयार है। अभी तक स्वाब व नसल के जरिए जांच की जाती है। अगर वैज्ञानिक रूप से कहें तो आरटीपीसीआर और एंटीजन जांच किट के माध्यम से कोरोना की जांच की जा रही है, लेकिन पहली बार दुनिया में लार के जरिए भी कोरोना की जांच संभव हो पाएगी।

एक घंटे बाद मोबाइल एप नतीजे..

शोधकर्ताओं के मुताबिक ये जांच आपके लिए घर बैठे बहुत ही आसान होगी। किट में लार डालते ही नीली और लाल रेखाएं उभर आएंगी। जिसे मोबाइल एप के माध्यम से फाेटो खींच कर या सीधे स्कैन करना होगा। एक घंटे बाद मोबाइल एप नतीजे बता देगा। यूनिवर्सिटी के मुताबिक अगर सब कुछ ठीक रहा तो दिसंबर में किट बाजार में लाने की तैयारी की जा रही है लेकिन उसके पहले इस किट के पेटेंट के लिए भी आवेदन कर दिया गया है। इधर जामिया की कुलपति ने इस खोज को आज के दौर में हो रही खोज में बड़ा गेमचेंजर बताया है। जामिया की कुलपति प्रो नजमा अख्तर ने कहा कि यह तकनीक वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई में एक गेम-चेंजर हो सकती है।

स्मार्ट इनोवेशन का एक बेहतरीन उदाहरण…

एमआई-एसईएचएटी सही मायनों में स्मार्ट इनोवेशन का एक बेहतरीन उदाहरण है और आत्मनिर्भर भारत के रास्ते पर भारत के आगे बढ़ने का एक अंतर्राष्ट्रीय प्रमाण भी है। अब देखना होगा कि कब ये घरेलू कोरोना किट बाजार में आएगा और लोग इनको हांथो हाँथ लेते हैं।

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