देहरादून: चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की मौतों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इसको लेकर उत्तराखंड की स्वास्थ्य निदेशक डॉ शैलजा भट्ट ने बयान जारी कर कहा कि 3 मई से शुरू होने वाली  चारधाम यात्रा में अब तक 28 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है।जिसमें मौतो का कारण या तो हाई ब्लड प्रेशर है या फिर कार्डियक अरेस्ट है।

तीर्थयात्रियों की मौत को लेकर बुधवार को पीएमओ कार्यालय ने भी राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि है चारधाम यात्रा में तीर्थयात्री, स्वास्थ्य परीक्षण करा के ही आयें साथ ही हृदय रोग वाले तीर्थयात्री पूरी सावधानी के साथ यात्रा करें।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि जो लोग हाई एल्टीट्यूट में नहीं जा सकते हैं उनके लिए जिला प्रशासन की ओर से स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की गई है, जिन लोगों को ऑक्सीजन की दिक्कतें हैं उनके लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था भी की जाएगी। धन सिंह रावत ने कहा कि जो लोग ज्यादा बीमार हैं और अधिक ऊंचाई पर जाने में दिक्कत है उन्हें अभी यात्रा करने से बचना चाहिए।

70 फीसदी यात्री मेडिकली अनफिट

डॉक्टरों की मानें तो धामों में पहुंचने वाले करीब 70 फीसदी यात्री मेडिकली अनफिट हैं। जिनमें अधिकतर दमा, हाइपर टेंशन,शुगर के मरीज हैं जिससे यात्रियों की मौत भी हो रही है। यमनोत्री धाम सड़क से 5 किलोमीटर की पैदल दूरी पर है जहां चढ़ाई है। वैसे तो डंडी कंडी, खच्चर की सुविधाएं भी हैं लेकिन ज्यादतर श्रद्धालु पैदल ही जाना पसंद करते हैं। जिससे बीमार श्रद्धालुओं को दिक्कतें होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here