उत्तरकाशी : उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल से मजदूरों को रेस्क्यू करने के बाद चिन्यालीसौड़ हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जिसके बाद सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बुधवार को सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर से ऋषिकेश एम्स एयरलिफ्ट किया गया है. सभी मजदूरों को मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत एम्स ऋषिकेश ले जाया गया है.

गौर हो कि सिलक्यारा टनल से मजदूरों को रेस्क्यू करने के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ में भर्ती किया गया था. मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत आज यानी बुधवार को मजदूरों को सेना के चिनूक हेलीकॉप्टर से ऋषिकेश एम्स एयरलिफ्ट किया गया है. ऋषिकेश एम्स में मजदूरों के स्वास्थ्य की सघन जांच हो रही है. जिसके बाद सभी मजदूरों को उनके घर भेजा जाएगा. देहरादून एयरपोर्ट पर एंबुलेंस और मेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है. वहीं सेना के चिनूक हेलिकॉप्टर द्वारा पहले उत्तरकाशी से एम्स हेलीपैड पर सभी श्रमिकों को लाया गया.

बता दें कि उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल से मजदूरों को निकालने के बाद उन्हें चिन्यालीसौड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया था. पहले ही स्वास्थ्य केंद्र में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं स्थापित कर दी गई थी. वहीं सभी 41 मजदूरों के अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया. मेडिकल जांच में सभी मजदूर स्वस्थ्य थे. वहीं 17 दिन से टनल के अंदर फंसे मजदूरों को शारीरिक और मानसिक चेकअप की जरूरत थी. जिसके बाद सभी मजदूरों को ऋषिकेश एम्स एयरलिफ्ट किया गया है.

सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन सकुशल संपन्न हो चुका है. प्राथमिकता के साथ सभी मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच चल रही है. मजदूरों को पौष्टिक भोजन परोसा जा रहा है. टनल में फंसे रहने से मजदूरों के मन में जो निराशा के भाव या अवसाद होगा, उसे मनोचिकित्सक की मदद से उपचार किया जाएगा. वहीं सभी मजदूरों को परिजनों से बात कराई जा रही है.

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