श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकी हमला हुआ है. अनंतनाग जिले के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने यहां घूमने आए पर्यटकों पर गोलीबारी की, जिसमें एक पर्यटक की मौत हो गई और एक दर्जन पर्यटक घायल हो गए. पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी. हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया. जबकि घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया.
अधिकारियों ने बताया कि हमला बैसरन नामक घास के मैदान में हुआ, जहां सिर्फ पैदल या घोड़ों के जरिये ही पहुंचा जा सकता है. यहां आज सुबह पर्यटकों का एक समूह घूमने आया था.
एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बंदूकधारियों ने पर्यटकों पर नजदीक से गोलियां चलाईं, जिससे कई लोग घायल हो गए.
अधिकारियों ने बताया कि एक हेलिकॉप्टर के जरिये घायलों को निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया. उन्होंने बताया कि कुछ घायलों को स्थानीय लोगों ने घोड़ों के जरिये घास के मैदान से नीचे उतारा.
पहलगाम अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि 12 घायल पर्यटकों को वहां भर्ती कराया गया है और सभी की हालत स्थिर है.
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक महिला ने फोन पर बताया कि हमले में उसके पति के सिर में गोली लगी है, जबकि सात अन्य लोग भी हमले में घायल हुए हैं. महिला ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की गुहार लगाई.
हमले के फौरन बाद पुलिस ने बताया कि अनंतनाग जिले में पहलगाम पर्यटक स्थल पर गोलीबारी की आवाज सुनी गई है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती रिपोर्टों में पर्यटकों के लिए अक्सर आने वाले स्थल पर संभावित आतंकवादी हमले की आशंका जताई गई है, लेकिन विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है. अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में केवल पैदल या घोड़ों के जरिये ही पहुंचा जा सकता है.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले से स्तब्ध हैं. उन्होंने इसे जघन्य कृत्य बताया है. सीएम उमर आतंकवादी हमले के बाद रामबन से श्रीनगर लौट आए हैं. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मृतकों की संख्या का अभी भी पता लगाया जा रहा है, इसलिए मैं उन विवरणों में नहीं जाना चाहता. स्थिति स्पष्ट होने पर उन्हें आधिकारिक रूप से सूचित किया जाएगा. कहने की जरूरत नहीं है कि यह हमला हाल के वर्षों में नागरिकों पर किए गए किसी भी हमले से कहीं ज्यादा बड़ा है.”
यह आतंकी हमला ऐसे समय हुआ है जब कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है. साथ ही अमरनाथ तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरू होने वाली है. देश भर से लाखों तीर्थयात्री दो मार्गों से अमरनाथ गुफा मंदिर की यात्रा करते हैं – दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में पहलगाम मार्ग और गंदेरबल जिले में बालटाल मार्ग.
जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले की निंदा की है. पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह पहलगाम में पर्यटकों पर हुए कायराना हमले की निंदा करती हैं.
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ऐसी हिंसा अस्वीकार्य है और इसकी निंदा की जानी चाहिए. कश्मीर ने हमेशा पर्यटकों का गर्मजोशी से स्वागत किया है, इसलिए यह घटना बेहद चिंताजनक है. अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने और संभावित सुरक्षा चूक की जांच करने के लिए गहन जांच की जरूरत है.”
मुफ्ती ने आगे कह कि आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोपरि है. भविष्य में हमलों को रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए.
पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना ने कहा कि हमले में शामिल आतंकवादियों को जल्द ही खत्म कर दिया जाएगा और उनके समर्थकों और मददगारों से भी सख्ती से निपटा जाएगा. वहीं, पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले पर भाजपा नेता कविंदर गुप्ता ने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है. इस तरह की घटनाओं से पर्यटकों में डर का माहौल पैदा होता है. आतंकवादियों का खात्मा किया जाना चाहिए.”
पहलगाम आतंकी हमले पर जम्मू-कश्मीर जेडीयू के अध्यक्ष जीएम शाहीन ने कहा कि यह घटना स्थानीय सरकार बनने के बाद हुई है. कम से कम राज्यपाल के शासन में, किसी नागरिक की हत्या की खबर नहीं आई. हमें 15-20 साल बाद ऐसी घटना देखने को मिली. जब भी जम्मू-कश्मीर में स्थानीय सरकारें बनी हैं, चाहे वह पीडीपी हो या एनसी (नेशनल कॉन्फ्रेंस), आतंकवाद को बढ़ावा मिला है.
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आतंकवादी कश्मीरियों के सबसे बड़े दुश्मन हैं. उनकी जंग कश्मीरियों के आतिथ्य के खिलाफ है. आतंकी चाहते हैं कि पर्यटक कश्मीर छोड़ दें और कश्मीरियों के पास आजीविका का कोई स्रोत न हो. लोने कहा कि आतंकी हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के दुश्मन हैं. निहत्थे पर्यटकों को निशाना बनाना सबसे बड़ा गुनाह है. उन्हें न तो यहां माफ किया जाएगा, न ही ईश्वर उन्हें माफ करेगा.
कांग्रेस ने शर्मनाक कृत्य करार दिया….
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस (जेकेपीसीसी) ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक कृत्य करार दिया. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा के नेतृत्व में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं ने पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की है. जेकेपीसीसी ने एक बयान में कहा कि निर्दोष पर्यटकों पर इस तरह के कायराना आतंकवादी हमले के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ. ऐसी घटनाएं बेहद निंदनीय हैं और सभ्य समाज में इनका कोई स्थान नहीं है.
कांग्रेस ने कहा, “इस घटना ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार के बड़े-बड़े दावों पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है. जेकेपीसीसी ने आग्रह किया है कि इस जघन्य अपराध के अपराधियों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें कड़ी सजा दी जानी चाहिए.”






