देहरादून : देहरादून में 15 अप्रैल 2026 को चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड सरकार के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने की।
इस बैठक में परिवहन, पर्यटन, पुलिस, शहरी विकास, लोक निर्माण विभाग और उत्तराखंड परिवहन निगम के अधिकारियों ने भाग लिया और यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अपनी-अपनी कार्ययोजनाएं प्रस्तुत कीं।
बैठक में चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड जारी करने, अस्थायी चेकपोस्ट बनाने और यात्रा मार्गों पर प्रवर्तन दलों की तैनाती जैसे अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई।
परिवहन मंत्री ने यात्रा को सुरक्षित, सुगम और दुर्घटनारहित बनाने के लिए 11 महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
मुख्य निर्देश:
- ऋषिकेश और हरिद्वार से अतिरिक्त बसों का संचालन और समय सारणी सार्वजनिक की जाए।
- संवेदनशील मार्गों पर जाम या सड़क बंद होने की स्थिति में शटल सेवा लागू की जाए।
- यात्रियों को सड़क सुरक्षा की जानकारी देने के लिए LED और होर्डिंग्स के माध्यम से जागरूक किया जाए।
- यात्रा मार्गों पर पर्याप्त शौचालय और उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
- नगर निकायों को कूड़ा निस्तारण के लिए चिन्हित स्थानों पर डस्टबिन लगाने के निर्देश दिए गए।
- यात्रा में शामिल वाहनों की एंट्री प्वाइंट पर सख्ती से जांच की जाए।
- ट्रैफिक वन-वे व्यवस्था लागू होने पर यात्रियों को पहले से जानकारी दी जाए और जाम खुलने पर बसों को प्राथमिकता मिले।
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को हरिद्वार से जोड़ने वाले कॉरिडोर का निर्माण तेजी से पूरा किया जाए।
- अन्य राज्यों के वाहनों के लिए समान नियम लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया जाए।
- सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।
- “अतिथि देवो भवः” की भावना के साथ यात्रियों से व्यवहार किया जाए।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी दी।
सरकार का लक्ष्य इस बार की चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।







