देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान में कथित चोरी के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर अनियमितता और चोरी के आरोप लग रहे हैं, उनसे जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को ही जांच समिति में शामिल करना न्याय और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है।
गोदियाल ने कहा कि इस तरह गठित जांच समिति से निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच विधानसभा की संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी) से कराई जाए, जिसकी अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष करें। यदि सरकार इसके लिए तैयार नहीं है तो जांच प्रक्रिया की निगरानी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने का अवसर था, लेकिन जिस तरह पहले केदारनाथ स्वर्ण प्रकरण में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, उसी तरह इस मामले में भी सरकार की मंशा सवालों के घेरे में है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सहायकों पर ही आरोप लग रहे हों और उसी तंत्र से जुड़े लोगों को जांच समिति में शामिल किया जाए, तो ऐसी जांच की विश्वसनीयता स्वतः समाप्त हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसी किसी भी जांच रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करेगी और पारदर्शी, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग पर अडिग रहेगी।







