देहरादून। उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र ने 18 से 21 जुलाई तक प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों और चारधाम यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल, झारखंड और ओडिशा क्षेत्र में बने कम दबाव के क्षेत्र तथा सक्रिय मानसून ट्रफ के प्रभाव से उत्तराखंड में बारिश की गतिविधियां तेज होने जा रही हैं। 18 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
19 और 20 जुलाई को भी देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी और नैनीताल समेत कई जिलों में भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं 21 जुलाई को बागेश्वर जिले के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। इसके अलावा निचले इलाकों में जलभराव, सड़कें क्षतिग्रस्त होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही सफर करें। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों से दूर रहने, खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। प्रशासन को भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इधर, शुक्रवार को देहरादून समेत कई इलाकों में दिनभर उमस भरी गर्मी के बाद शाम को मौसम ने करवट ली। तेज बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक देहरादून में 39.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि अगले कुछ दिनों तक अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के आसपास न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।







