रुद्रपुर/किच्छा। उत्तराखंड में यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां भरकर दौड़ रही निजी बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। उधम सिंह नगर में लगातार तीसरे दिन हुई कार्रवाई के दौरान ओवरलोड बसों की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई।
किच्छा में 50 यात्रियों की क्षमता वाली बस में करीब 110 यात्री मिलने पर परिवहन विभाग ने 1 लाख 7 हजार 500 रुपये का चालान किया। वहीं, लालपुर में महज 30 स्लीपर की क्षमता वाली बस में 168 यात्री सवार मिले। दूसरी बस में भी 30 स्लीपर की क्षमता के बावजूद 103 यात्री पाए गए।
50 की क्षमता, 110 यात्री….
7 अगस्त की रात टनकपुर से लुधियाना जा रही जगदंबा ट्रेवल्स की बस को किच्छा में सूरजमल कॉलेज के पास जांच के लिए रोका गया। बस की क्षमता करीब 50 यात्रियों की थी, लेकिन जांच में करीब 110 यात्री मिले। यात्रियों ने बताया कि एक सीट पर कई-कई लोगों को बैठाकर सफर कराया जा रहा था।
एआरटीओ हल्द्वानी जितेंद्र कुमार ने बस का 1.07 लाख रुपये से अधिक का चालान किया। साथ ही परमिट निरस्त करने और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
30 स्लीपर में 168 यात्री….
9 अगस्त की देर रात लालपुर में लखीमपुर खीरी से पंजाब जा रही एक बस को रोका गया। बस महज 30 स्लीपर और एक सीट की क्षमता के लिए पास थी, लेकिन जांच के दौरान 138 वयस्क और 30 बच्चे, यानी कुल 168 यात्री मिले।
जांच में ओवरलोडिंग के अलावा बिना टैक्स और बिना परमिट संचालन जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं। परिवहन विभाग ने बस का चालान कर उसे रुद्रपुर रोडवेज स्टेशन पर सीज कर दिया।
दूसरी बस में मिले 103 यात्री…
10 अगस्त को लालपुर टोल के पास एक अन्य यूपी नंबर की बस की जांच में भी भारी ओवरलोडिंग सामने आई। महज 30 स्लीपर की क्षमता वाली इस बस में 103 यात्री सवार मिले। विभाग ने परमिट और फिटनेस संबंधी अनियमितताओं के साथ ओवरलोडिंग पर कार्रवाई करते हुए बस को सीज कर करीब 1.34 लाख रुपये का चालान किया।
कार्रवाई के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की ओर से वैकल्पिक बसों की व्यवस्था की गई।
कार्रवाई के बीच बड़ा सवाल…
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने अंतरराज्यीय मार्गों पर बसों की निगरानी और चेकिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। आखिर 30 स्लीपर की क्षमता वाली बस में 103 से लेकर 168 यात्री आखिर उत्तराखंड की सीमा तक कैसे पहुंच रहे हैं?
परिवहन विभाग ने ओवरलोड बसों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है। यात्रियों से भी अपील की गई है कि क्षमता से अधिक सवारियां ले जाने वाली बसों में सफर न करें।








