हल्द्वानी। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 196, 299 और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा समिति के सदस्य अमित कुमार अनुसूचित जाति से हैं।
अमित कुमार का आरोप है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 11 अगस्त को हुए साफ-सफाई और धार्मिक अनुष्ठान के मामले को राहुल गांधी ने जातिगत रंग दिया। आरोप है कि दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राहुल गांधी ने इस कार्य को छुआछूत और आपराधिक कृत्य से जोड़कर प्रस्तुत किया, जिससे उनकी जातिगत भावनाएं आहत हुईं।
8 अगस्त के कांग्रेस कार्यक्रम के बाद शुरू हुआ विवाद
तहरीर के मुताबिक, 8 अगस्त को रामलीला मैदान में कांग्रेस का राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद अमित कुमार ने मैदान का निरीक्षण किया, जहां कूड़ा-कचरा, खाली बोतलें और अन्य आपत्तिजनक सामग्री पड़ी होने का आरोप लगाया गया।
इसके बाद 11 अगस्त को रामलीला मैदान की सफाई कराई गई और धार्मिक अनुष्ठान भी कराया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी की प्रेस वार्ता के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें और समिति से जुड़े लोगों को छुआछूत करने वाला, जातिवादी और दलित विरोधी बताया जाने लगा।
सामाजिक प्रतिष्ठा और सुरक्षा प्रभावित होने का आरोप
अमित कुमार ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर चल रही टिप्पणियों के कारण उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा, आजीविका और सुरक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने पुलिस से एससी-एसटी एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की मांग की।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं करती है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
पुलिस कर रही आरोपों और वीडियो साक्ष्य की जांच
मामले को लेकर नैनीताल के एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि तहरीर प्राप्त हुई है और शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस को उपलब्ध कराए गए वीडियो साक्ष्य की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी के अनुसार, फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।









