रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के लिए बड़ी सुविधा की तैयारी शुरू कर दी है। अब पुराने प्रमाणपत्रों के सत्यापन या प्रमाणपत्र खो जाने की स्थिति में विद्यार्थियों को बोर्ड कार्यालय रामनगर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बोर्ड की ओर से वर्ष 1999 से 2016 तक के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंक पत्र एवं अन्य प्रमाणपत्रों को DigiLocker में अपलोड करने की तैयारी की जा रही है।

बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, 1999 से 2016 तक के प्रमाणपत्रों को DigiLocker पर उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रशासन को भेजा गया है। संबंधित फर्म के माध्यम से यह कार्य कराया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थी अपने पुराने प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन देख सकेंगे और आवश्यकता पड़ने पर उनका प्रिंट निकाल सकेंगे।

2017 से 2026 तक के प्रमाणपत्र पहले ही DigiLocker में

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के अनुसार वर्ष 2017 से 2026 तक के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के प्रमाणपत्र DigiLocker में अपलोड किए जा चुके हैं। इससे विद्यार्थियों को प्रमाणपत्रों के सत्यापन और उपयोग में आसानी होगी। विभिन्न सरकारी भर्तियों में भी प्रमाणपत्रों का ऑनलाइन सत्यापन किया जा सकेगा।

ऐसे देख सकेंगे DigiLocker में प्रमाणपत्र….

 

DigiLocker में प्रमाणपत्र देखने के लिए विद्यार्थी को आवश्यक व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करनी होगी। आधार नंबर से सत्यापन के बाद मोबाइल पर OTP आएगा। OTP दर्ज करने के बाद DigiLocker में संबंधित विद्यार्थी के प्रमाणपत्र दिखाई देंगे।

टीईटी के प्रमाणपत्र भी DigiLocker में

बोर्ड की उप सचिव सुष्मा गौरव के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 तक के टीईटी प्रमाणपत्र भी DigiLocker में अपलोड किए जा चुके हैं। अभ्यर्थी अपने प्रमाणपत्र ऑनलाइन आसानी से देख सकते हैं।

प्रमाणपत्रों में गलतियां भी होंगी ठीक

बोर्ड सचिव विनोद कुमार ढौंडियाल ने बताया कि अंक पत्र और अन्य प्रमाणपत्रों में नाम, पता या अन्य विवरणों में त्रुटि होने पर छात्रों को सुधार के लिए बोर्ड कार्यालय आना पड़ता है। कई मामलों में इस प्रक्रिया में करीब एक माह का समय लग जाता है।

अब बोर्ड की ओर से प्रमाणपत्रों में दर्ज त्रुटियों को ठीक कर उन्हें DigiLocker में अपलोड करने की तैयारी की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को पुराने प्रमाणपत्रों के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

बोर्ड सचिव विनोद कुमार ढौंडियाल के अनुसार, 1999 से 2016 तक के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंक प्रमाणपत्र एवं अन्य प्रमाणपत्रों को DigiLocker में अपलोड करने की तैयारियां चल रही हैं। इसके बाद प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी ऑनलाइन किया जा सकेगा।

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